Tuesday, December 7, 2021

किसके लिए बेहतर है covishield और किन्हें लगवानी चाहिए Covaxin, जानें डॉक्टरों की राय

ई दिल्ली: देश में इस वक्त कोरोना कहर जारी है. कोरोना के खिलाफ लड़ाई में देश में वैक्सीनेशन जोरों पर है. हालांकि जहां एक ओर वैक्सीन की शॉर्टेज की खबरें हैं, तो वहीं दूसरी ओर कई लोगों के जेहन में एक सवाल कचोट रहा है कि जब भी उन्हें डोज लेने का मौका मिले तो वे कौन-से टीके का चुनाव करें कोविशील्ड या कोवैक्सीन? क्योंकि तीसरी वैक्सीन स्पुतनिक वी अभी आम लोगों के लिए उपलब्ध नहीं हो पायी है. इसिलए देश में इस वक्त कोविशील्ड या कोवैक्सीन के डोज दिए जा रहे हैं.

इस बारे में हाल ही में अपने इंस्टाग्राम लाइव के दौरान मेदांता मेडिसिटी की हेड, इंटरनल मेडिसिन डॉ. सुशीला कटारिया ने अपनी प्रतिक्रिया जाहिर की थी. डॉ. कटारिया ने कहा कि लोगों को टीका लगवाने में संदेह नहीं करना चाहिए. क्योंकि फिलहाल टीके के ब्रांड के चुनाव करने का वक्त नहीं है, बल्कि अभी टीकाकरण को प्रायोरिटी देनी चाहिए. 

डॉक्टर कटारिया ने क्या कहा?

डॉक्टर कटारिया ने इस बारे में भी जानकारी दी है कि किन्हें कोविशील्ड लेनी चाहिए और किन्हें कोवैक्सीन. उन्होंने ये भी कहा कि ’18-45 के बीच के लोगों को भी टीके के लिए साइन अप करने से पहले अपने स्वास्थ्य मानकों को ध्यान में रखना चाहिए. उनका कहना है कि वृद्ध लोग जो खून को पतला करने वाली दवाओं (Blood-thinning medications) का सेवन कर रहे हैं उन्हें Covaxin नहीं लेने की सलाह दी जाती है.’

डॉ. कटारिया की मानें तो ‘कोविशील्ड मुख्य रूप से वृद्ध लोगों या गंभीर कॉमरेडिटी वाले लोगों को दिया जाता है. इनके अलावा कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार, जिन्हें कोई एलर्जी हो, बुखार हो, इम्यून सिस्टम से जुड़ी दवाई ले रहे हों, उन्हें भी कोवैक्सीन नहीं लेने को कहा जाता है.’

​युवाओं के लिए सही है कोवैक्सीन 
डॉ. कटारिया ने चेतावनी दी है कि ‘ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका जैब (Oxford-Astrazeneca jab) का चयन करने वाले युवाओं में कोवैक्सीन की तुलना में अधिक साइड इफेक्ट्स देखने को मिल रहे हैं. कई रिपोर्ट्स के जरिए खुलासा हुआ है कि कोविशील्ड अधिक इम्यूनोजेनिक प्रतिक्रिया (immunogenic response) दिखाती है और इसीलिए इससे ज्यादा साइड इफेक्ट्स होते हैं. लिहाजा युवाओं को कोवैक्सीन लगवानी चाहिए.’

​कमजोर इम्यून सिस्टम वाले कोवैक्सीन न लगवाएं 

वैक्सीन के लाभों के बारे में बात करते हुए, डॉ. कटारिया ने यह भी कहा कि ‘कोविशिल्ड का डोज कोवाक्सिन की तुलना में शरीर के अंदर अधिक एंटीबॉडीज बनाता है. इसलिए जिनका इम्यून सिस्टम ज्यादा कमजोर है उन्हें कोविशील्ड का टीका लगवाने पर जोर देना चाहिए न की कोवैक्सीन पर’.

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