Tuesday, December 7, 2021

मसीहा का दर्द: सोनू सूद बोले-उन मरीजों को खोना जिन्हें आप बचाने की कोशिश कर रहे हैं, ये अपने आप को खोने से कम नहीं; असहाय महसूस कर रहा हूं

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एक घंटा पहले

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एक्टर सोनू सूद ने बताया कि वे असहाय महसूस करते हैं। जब वे उन लोगों को बचाने में असमर्थ होते हैं, जिन्होंने उनसे मदद मांगी थी। रविवार को सोनू सूद ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर कर इस बारे में अपने विचार शेयर किए हैं। सोनू ने लिखा, “उन मरीजों को खोना जिन्हें आप बचाने की कोशिश कर रहे हैं, ये अपने आप को खोने से कम नहीं। उन परिवारों का सामना करना बहुत कठिन होता है, जिनसे आपने उनके प्रियजनों को बचाने का वादा किया था। आज ऐसे ही कुछ लोगों को मैंने खो दिया। जिन परिवारों के साथ आप दिन में कम से कम 10 बार टच में आते थे, उनसे हमेशा के लिए संपर्क खो देंगे। असहाय महसूस कर रहा हूं।”

फैंस ने कुछ इस तरह बढ़ाया सोनू का हौसला
सोनू के इस पोस्ट के बाद उनके कई फैंस और फॉलोअर्स ने उन्हें खुश करने और अब तक उनके द्वारा किए गए सभी अच्छे कामों की उन्हें याद दिलाने की कोशिश की। एक यूजर ने लिखा, “मानवता की सेवा ईश्वर की सेवा है। आप ऐसे ही लोगों की मदद करते रहिए। आप रियल हीरो हैं।” एक अन्य यूजर ने लिखा, “सर, जन्म और मृत्यु किसी के हाथ में नहीं है। यह पहले से ही सभी को पता है। लेकिन, खबर पूरी तरह से बुरी है और जिसने भी इसे देखा उसके आंसू नहीं रुकेंगे। मृतक के परिवार के लिए मेरी गहरी संवेदना। जीवन बचाने में कभी हार न मानें।”

पेशेंट्स के परिवार वालों से मिलने घर के बाहर आए थे सोनू
सोनू सूद पिछले साल से ही कोविड -19 महामारी से प्रभावित लोगों की मदद करने वाले सबसे सक्रिय हस्तियों में से एक हैं। वे जरूरतमंदों के लिए हॉस्पिटल बेड्स, दवाओं और ऑक्सीजन जैसी अन्य कई चीजों की व्यवस्था करते आ रहे हैं। रविवार की शाम को पपराजी ने उन्हें अपने घर के बाहर स्पॉट किया। वे पेशेंट्स और उनके परिवार वालों से मिलने के लिए घर के बाहर आए थे। जिसकी कुछ फोटोज भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं।

मैं हर एक दिन असहाय महसूस करता हूं: सोनू सूद
हाल ही में एक इंटरव्यू में कोरोना महामारी की दूसरी लहर के बीच भारत में हालात की विकट स्थिति के बारे में बात करते हुए सोनू सूद भावुक हो गए थे। तब उन्होंने कहा था, “मैं हर एक दिन असहाय महसूस करता हूं, मुझे नई समस्याएं लोगो की पता चलती हैं और मुझे फील होता है कि यार हम लोग किस देश में रह रहे हैं।”

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